रोहितकारिष्ट (Rohitkarishta) एक आयुर्वेदिक (Ayurvedic) हर्बल औषधि (herbal medicine) है जो पारंपरिक किण्वन प्रक्रिया (traditional fermentation process) द्वारा तैयार की जाती है। यह मुख्य रूप से यकृत (liver) और तिल्ली (spleen) से जुड़ी बीमारियों, पाचन समस्याओं (digestive problems), एनीमिया (anemia), और सूजन संबंधी स्थितियों (inflammatory conditions) के इलाज के लिए उपयोग की जाती है। इसमें प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होने वाला अल्कोहल (naturally generated alcohol) जड़ी-बूटियों (herbs) के सक्रिय घटकों (active components) को निकालने और शरीर तक पहुँचाने में मदद करता है।
रोहितकारिष्ट के उपयोग (Uses of Rohitkarishta in Hindi)
तिल्ली के बढ़ने (Splenomegaly) का उपचार।
यकृत के बढ़ने (Liver enlargement) और संबंधित विकारों का प्रबंधन।
पाचन संबंधी समस्याएं (Digestive issues) जैसे पेट दर्द (abdominal colic), बवासीर (piles), और दस्त (sprue) के लिए फायदेमंद।
तिल्ली या यकृत की खराबी के कारण होने वाले एनीमिया (Anemia) के इलाज में सहायक।
सूजन के कारण होने वाले त्वचा रोगों (Skin disorders) का उपचार।
रोहितकारिष्ट के लाभ (Benefits of Rohitkarishta in Hindi)
यकृत (liver) और तिल्ली (spleen) की सूजन को कम करता है।
पाचन क्रिया (digestive fire) और मेटाबॉलिज्म (metabolism) को बढ़ाता है।
शरीर को डिटॉक्स (detoxifies) करता है और रक्त प्रवाह (blood circulation) को स्वस्थ रखता है।
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रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) को मजबूत करता है।
यकृत और तिल्ली से जुड़ी पुरानी बीमारियों (chronic illnesses) के इलाज में प्रभावी।
रोहितकारिष्ट की सामग्री (Ingredients of Rohitkarishta in Hindi)
रोहितकारिष्ट की मुख्य सामग्रियां (key ingredients)
रोहितक (Tecomella undulata): तिल्ली और यकृत के स्वास्थ्य के लिए मुख्य जड़ी-बूटी (primary herb)।
धातकी (Woodfordia fruticosa): किण्वन (fermentation) में सहायक और औषधीय प्रभाव (medicinal effects) प्रदान करती है।
चित्रक (Plumbago zeylanica): पाचन शक्ति (digestion) और भूख (appetite) बढ़ाती है।
पिप्पली (Piper longum): अवशोषण (absorption) और मेटाबॉलिज्म (metabolism) को सुधारती है।
त्रिफला (Triphala): शरीर को डिटॉक्स (detoxifies) करती है और आंतों के स्वास्थ्य (gut health) को बढ़ावा देती है।
गुड़ (Jaggery): मिठास (sweetness) और किण्वन (fermentation) के लिए आवश्यक।
दालचीनी (Cinnamon): स्वाद (flavor) और पाचन (digestion) में मदद करती है।
अदरक (Ginger): पेट की सूजन (bloating) को कम करती है और पाचन (digestion) सुधारती है।
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रोहितकारिष्ट की खुराक (Dosage of Rohitkarishta in Hindi)
वयस्कों के लिए (For adults): 12–24 मिलीलीटर (ml), समान मात्रा में पानी (equal amount of water) मिलाकर भोजन के बाद (after meals) दिन में एक या दो बार (once or twice daily) लें।
बच्चों के लिए (For children): उपयुक्त खुराक (appropriate dosage) के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सक (Ayurvedic physician) से परामर्श लें।
किसी विशेष स्थिति (specific condition) के लिए खुराक (dosage) का पालन डॉक्टर की सलाह (doctor’s advice) के अनुसार करें।
रोहितकारिष्ट के साइड इफेक्ट्स (Side Effects of Rohitkarishta in Hindi)
उचित खुराक (prescribed dosage) में लेने पर यह सामान्यतः सुरक्षित (generally safe) है।
- आम साइड इफेक्ट्स (Common side effects)
संवेदनशील व्यक्तियों (sensitive individuals) में हल्की गैस्ट्रिक जलन (mild gastric irritation) हो सकती है। - अधिक खुराक (Overdose) लेने पर
- पेट या छाती में जलन (burning sensation in the stomach or chest) महसूस हो सकती है।
- सावधानियां (Precautions)
- गर्भावस्था (pregnancy) के दौरान इससे बचें, क्योंकि यह गर्भाशय संकुचन (uterine contractions) को बढ़ा सकता है।
- गंभीर यकृत क्षति (severe liver damage) वाले व्यक्तियों में सावधानी से उपयोग करें।
रोहितकारिष्ट से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQs in Hindi)
प्रश्न 1: क्या गर्भवती महिलाएं रोहितकारिष्ट (Rohitkarishta) ले सकती हैं?
नहीं, गर्भावस्था (pregnancy) के दौरान इसका उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि यह गर्भाशय संकुचन (uterine contractions) को बढ़ा सकता है।
प्रश्न 2: क्या यह स्तनपान कराने वाली महिलाओं (lactating mothers) के लिए सुरक्षित है?
उपयोग से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक (Ayurvedic physician) से परामर्श करें।
प्रश्न 3: क्या इसे आधुनिक दवाओं (modern medicines) के साथ लिया जा सकता है?
हाँ, लेकिन आयुर्वेदिक और एलोपैथिक दवाओं (Ayurvedic and allopathic medicines) के बीच कम से कम 30 मिनट का अंतर रखें।
प्रश्न 4: क्या इसे लेते समय कोई आहार प्रतिबंध (dietary restrictions) है?
हाँ, भारी, मसालेदार और तैलीय खाद्य पदार्थों (heavy, spicy, and oily foods) से बचें। हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन (light and easily digestible meals) करें।
प्रश्न 5: रोहितकारिष्ट (Rohitkarishta) को कितने समय तक लिया जाना चाहिए?
अवधि स्वास्थ्य स्थिति (health condition) पर निर्भर करती है। व्यक्तिगत योजना (personalized plan) के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सक (Ayurvedic doctor) से परामर्श करें।