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हींगवष्टक चूर्ण के उपयोग, फायदे और नुकसान (Hingwashtak Churna Uses and Benefits in Hindi)

हिंग्वाष्टक चूर्ण एक आयुर्वेदिक (Ayurvedic) औषधि है, जिसे मुख्य रूप से पाचन तंत्र (Digestive system) को सुधारने और पेट की समस्याओं जैसे गैस (Gas), अपच (Indigestion), और पेट दर्द (Stomach pain) को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह हिंग (Asafoetida), सौंठ (Dry ginger), और अन्य पाचक जड़ी-बूटियों (Digestive herbs) का मिश्रण है, जो पाचन शक्ति को बढ़ाकर शरीर में वात दोष (Vata dosha) को संतुलित (Balance) करता है।


हींगवष्टक चूर्ण के उपयोग (Uses of Hingwastak Churna in Hindi)

गैस और अपच (Gas and indigestion): यह पेट की गैस और अपच को कम करता है।

भूख बढ़ाना (Improves appetite): भूख न लगने की समस्या को दूर करने में सहायक।

पेट फूलना (Bloating): पेट फूलने और भारीपन को कम करता है।

वात दोष (Vata dosha): वात दोष के कारण होने वाले पेट दर्द और अपच को ठीक करता है।

पाचन शक्ति (Digestive power): पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और भोजन के सही अवशोषण (Absorption) में मदद करता है।


हींगवष्टक चूर्ण के लाभ (Benefits of Hingwastak Churna in Hindi)

गैस और पेट दर्द में राहत (Relief from gas and stomach pain): यह पेट दर्द और गैस की समस्या को जल्दी ठीक करता है।

पाचन में सुधार (Improves digestion): यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है।

भोजन के सही पाचन में मदद (Aids in proper digestion): भोजन को आसानी से पचाने में सहायक।

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वात दोष को संतुलित करना (Balances Vata dosha): शरीर में वात दोष को संतुलित करता है।

सामान्य स्वास्थ्य (Overall health): बेहतर पाचन के माध्यम से शरीर की ताकत और ऊर्जा को बढ़ाता है।


हींगवष्टक चूर्ण की सामग्री (Ingredients of Hingwastak Churna in Hindi)

  1. हिंग (Hing/Asafoetida): गैस और अपच को दूर करने में सहायक।
  2. सौंठ (Sonth/Dry ginger): पाचन शक्ति को सुधारता है।
  3. काली मिर्च (Black pepper): पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।
  4. पिप्पली (Pippali/Long pepper): वात और कफ दोष को संतुलित करता है।
  5. जीरा (Cumin): भूख बढ़ाने और पेट फूलने को कम करने में सहायक।
  6. अजवाइन (Carom seeds): पेट दर्द और अपच में राहत देता है।
  7. सैंधा नमक (Rock salt): पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है।
  8. हींग (Asafoetida): मुख्य सामग्री जो गैस और अपच को दूर करती है।

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हींगवष्टक चूर्ण की मात्रा (Dosage of Hingwastak Churna in Hindi)

वयस्क (Adults): 1-3 ग्राम (1/2 से 1 चम्मच) चूर्ण दिन में 2-3 बार गर्म पानी (Warm water) के साथ या भोजन से पहले लें।

बच्चे (Children): बच्चों के लिए खुराक डॉक्टर की सलाह के अनुसार निर्धारित करें।

अन्य दवाओं के साथ सेवन (Use with other medicines): किसी अन्य दवा के साथ सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें।


हींगवष्टक चूर्ण के दुष्प्रभाव (Side Effects of Hingwastak Churna in Hindi)

अत्यधिक सेवन (Excessive consumption): अधिक मात्रा में लेने पर दस्त (Diarrhea) या पेट में जलन (Stomach irritation) हो सकती है।

गर्भावस्था (Pregnancy): गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए।

एलर्जी (Allergy): यदि किसी सामग्री से एलर्जी हो, तो इसका उपयोग न करें।

अत्यधिक गर्मी (Overheating): हिंग्वाष्टक चूर्ण के अत्यधिक सेवन से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है।


हींगवष्टक चूर्ण से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQs in Hindi)

1. हिंग्वाष्टक चूर्ण (Hingwastak Churna) का मुख्य उपयोग क्या है?
यह मुख्य रूप से गैस, अपच, और पाचन तंत्र को सुधारने के लिए उपयोग किया जाता है।

2. क्या हिंग्वाष्टक चूर्ण (Hingwastak Churna) सुरक्षित है?
हां, यदि इसे सही मात्रा में लिया जाए तो यह सुरक्षित है।

3. हिंग्वाष्टक चूर्ण (Hingwastak Churna) को कैसे लिया जाए?
1-3 ग्राम चूर्ण गर्म पानी के साथ भोजन से पहले लें।

4. क्या हिंग्वाष्टक चूर्ण (Hingwastak Churna) को रोजाना लिया जा सकता है?
हां, इसे डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से लिया जा सकता है।

5. क्या यह चूर्ण बच्चों के लिए सुरक्षित है?
बच्चों के लिए खुराक डॉक्टर की सलाह के अनुसार होनी चाहिए।

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Pranay
Pranay

Pranay is a dedicated Ayurvedic practitioner with over 5 years of experience in promoting holistic health and well-being. Pranay is committed to helping individuals achieve balance and harmony with sharing his knowledge with writing for Nirogya Ayurveda.

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