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अस्थिपोषक के उपयोग, फायदे और नुकसान (Asthiposhak Uses and Benefits in Hindi)

अस्थिपोषक Asthiposhak एक आयुर्वेदिक (Ayurvedic) औषधि है जो मुख्य रूप से हड्डियों (Bones) और जोड़ों (Joints) की सेहत (Health) को बेहतर बनाने के लिए प्रयोग की जाती है। यह हड्डियों (Bones) को मजबूत (Strengthen) करता है, हड्डियों के ढांचे (Bone structure) को सुदृढ़ (Solidify) करता है, और गठिया (Arthritis) जैसी समस्याओं में राहत (Relief) देता है। अस्थिपोषक हड्डियों को आवश्यक पोषण (Nutrition) प्रदान करता है और शरीर की हड्डी स्वास्थ्य को सुधारता है।


अस्थिपोषक के उपयोग (Uses of Asthiposhak in Hindi)

हड्डी और जोड़ों के दर्द (Bone and Joint pain): अस्थिपोषक का उपयोग हड्डियों और जोड़ों के दर्द (Pain) में राहत (Relief) के लिए किया जाता है।

गठिया (Arthritis): यह गठिया (Arthritis) और संबंधित समस्याओं (Joint problems) में आराम (Relief) प्रदान करता है।

हड्डी का कमजोर होना (Weak bones): हड्डियों की कमजोरी (Weak bones) और हड्डियों के टूटने (Fractures) में तेजी से ठीक (Healing) करने के लिए यह उपयोगी (Useful) है।

हड्डी के घाव (Bone injuries): हड्डी के घावों (Bone injuries) को ठीक करने और हड्डी की मरम्मत (Bone repair) के लिए उपयोगी है।

हड्डियों का विकास (Bone growth): अस्थिपोषक हड्डी के विकास (Growth) को प्रोत्साहित (Encourage) करता है।

ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis): यह अस्थि-द्रव्य (Bone mass) को मजबूत करता है और ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) जैसी समस्याओं में मदद करता है।


अस्थिपोषक के लाभ (Benefits of Asthiposhak in Hindi)

हड्डियों को मजबूत करना (Strengthen bones): अस्थिपोषक हड्डियों को मजबूत करता है और उन्हें स्वस्थ बनाए रखता है।

हड्डी के फ्रैक्चर (Bone fractures) को जल्दी ठीक करना: यह हड्डी के फ्रैक्चर (Bone fractures) को जल्दी और सही तरीके से ठीक करने में मदद करता है।

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गठिया (Arthritis) में आराम (Relief): गठिया (Arthritis) और जोड़ों की सूजन (Swelling) में आराम (Relief) प्रदान करता है।

हड्डी के विकास में मदद (Help in bone development): यह हड्डी के विकास (Growth) और मजबूती (Strength) को बढ़ाता है।

हड्डी के घावों की तेजी से मरम्मत (Bone wound healing): हड्डी के घाव (Injury) की मरम्मत (Repair) में तेजी लाता है।

हड्डियों की सख्ती (Rigidity) और मजबूती (Strength): यह हड्डियों को सख्त (Hard) और मजबूत (Strong) बनाता है।

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अस्थिपोषक की सामग्री (Ingredients of Asthiposhak in Hindi)

  1. शुद्ध गुड़ (Pure jaggery): यह हड्डियों को मजबूत करता है और शरीर में कैल्शियम (Calcium) के स्तर (Level) को बढ़ाता है।
  2. सारिवा (Sariva): यह हड्डियों की संरचना (Structure) को सुधारने और जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करता है।
  3. सिद्धतुलसी (Sidratulsi): हड्डियों की सख्ती (Hardness) और जोड़ों के दर्द में राहत (Relief) प्रदान करता है।
  4. हड्डी रोगी सामग्री (Bone-specific ingredients): अस्थिपोषक में हड्डियों को सुदृढ़ बनाने वाले घटक (Ingredients) होते हैं।
  5. अश्वगंधा (Ashwagandha): यह हड्डियों को मजबूत करने और शरीर को ऊर्जा (Energy) प्रदान करने में मदद करता है।
  6. गिलोय (Giloy): यह हड्डियों के लिए एक शक्तिशाली टॉनिक (Tonic) है, जो हड्डियों को पुनर्निर्माण (Rebuild) और सुधारता है।

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अस्थिपोषक की मात्रा (Dosage of Asthiposhak in Hindi)

वयस्कों (Adults): अस्थिपोषक का 1-2 चम्मच (Teaspoons) दिन में 2-3 बार पानी (Water) के साथ या डॉक्टर (Doctor) के निर्देश (Instructions) अनुसार लिया जा सकता है।

बच्चों (Children): बच्चों के लिए खुराक (Dosage) डॉक्टर के परामर्श (Consultation) से निर्धारित (Determine) की जानी चाहिए।

आवश्यक परामर्श (Required consultation): अगर आपको हड्डियों की गंभीर समस्या (Serious bone issue) हो, तो डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।


अस्थिपोषक के दुष्प्रभाव (Side Effects of Asthiposhak in Hindi)

अत्यधिक सेवन (Excessive consumption): अत्यधिक सेवन से पेट में सूजन (Bloating), पेट में गैस (Gas) और कब्ज (Constipation) जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।

एलर्जी (Allergy): यदि किसी सामग्री (Ingredient) से एलर्जी हो, तो इसका उपयोग (Use) नहीं करना चाहिए।

गर्भावस्था (Pregnancy) और स्तनपान (Breastfeeding): गर्भवती (Pregnant) और स्तनपान कराने वाली (Breastfeeding) महिलाओं को अस्थिपोषक का उपयोग करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

अन्य दवाओं के साथ इंटरएक्शन (Interaction with other medicines): यदि आप अन्य दवाएं (Other medicines) ले रहे हैं, तो इसका सेवन करने से पहले चिकित्सक से परामर्श करें।


अस्थिपोषक से जुड़े सामान्य प्रश्न(FAQs)

अस्थिपोषक (Asthiposhak) का उपयोग (Use) किसके लिए किया जाता है?
अस्थिपोषक का उपयोग हड्डियों (Bones) को मजबूत करने, हड्डी के फ्रैक्चर (Bone fractures) को जल्दी ठीक करने, और गठिया (Arthritis) में राहत (Relief) के लिए किया जाता है।

क्या अस्थिपोषक (Asthiposhak) का कोई दुष्प्रभाव (Side effect) है?
अस्थिपोषक का अत्यधिक उपयोग (Excessive use) पेट में सूजन (Bloating), गैस (Gas) और कब्ज (Constipation) जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।

अस्थिपोषक (Asthiposhak) का सेवन (Consumption) कैसे किया जाता है?
अस्थिपोषक का 1-2 चम्मच (Teaspoons) दिन में 2-3 बार, डॉक्टर के निर्देश (Doctor’s instructions) के अनुसार लिया जा सकता है।

क्या अस्थिपोषक (Asthiposhak) बच्चों के लिए सुरक्षित है?
बच्चों के लिए अस्थिपोषक का उपयोग (Use) डॉक्टर के परामर्श (Consultation) से किया जाना चाहिए।

अस्थिपोषक (Asthiposhak) को किस आयु वर्ग (Age group) के लोग ले सकते हैं?
अस्थिपोषक का सेवन (Consumption) वयस्कों (Adults) और बच्चों (Children) द्वारा डॉक्टर के निर्देश (Doctor’s instructions) के अनुसार किया जा सकता है।

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Pranay
Pranay

Pranay is a dedicated Ayurvedic practitioner with over 5 years of experience in promoting holistic health and well-being. Pranay is committed to helping individuals achieve balance and harmony with sharing his knowledge with writing for Nirogya Ayurveda.

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