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लोहासव के उपयोग, फायदे और नुकसान (Lohasava Uses and Benefits in Hindi)

लोहासव (Lohasava), जिसे लोहासवम (Lohasavam) भी कहा जाता है, एक पारंपरिक आयुर्वेदिक तरल औषधि है जो मुख्य रूप से एनीमिया (Anemia) (पांडु रोग – Pandu Roga) का उपचार करने और समग्र शक्ति (Vitality) को बढ़ाने के लिए उपयोग की जाती है। यह लोहा (Iron) (आयरन – Iron) सामग्री में समृद्ध है, जो हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) स्तर को बढ़ाने में मदद करता है और रक्त (Blood) की गुणवत्ता और ऊर्जा (Energy) में सुधार करता है।


लोहासव के उपयोग (Uses of Lohasava in Hindi)

एनीमिया (Anemia) का उपचार (Treatment): लोहासव आयरन (Iron) की कमी से होने वाले एनीमिया (Anemia) के उपचार में प्रभावी है।

पाचन स्वास्थ्य (Digestive Health): इसमें भूख (Appetite) और पाचन (Digestion) को बढ़ावा देने वाले गुण हैं।

यकृत विकार (Liver Disorders): पीलिया (Jaundice), हेपेटाइटिस (Hepatitis), और फैटी लिवर (Fatty Liver) जैसी स्थितियों में सहायक है।

सामान्य कमजोरी (General Weakness): यह शरीर की ऊर्जा (Energy) को बढ़ाता है और थकान (Fatigue) को कम करता है।

बवासीर (Piles): रक्तस्राव (Bleeding) वाले बवासीर (Piles) को नियंत्रित करने में सहायक है।


लोहासव के फायदे (Benefits of Lohasava in Hindi)

हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) का स्तर बढ़ाना: लोहासावा रक्त में आयरन (Iron) की कमी को दूर करके हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) का स्तर बढ़ाता है।

पाचन (Digestion) में सुधार: यह पाचन क्रिया (Digestive System) को ठीक करता है और भूख (Appetite) को उत्तेजित करता है।

यकृत (Liver) को स्वस्थ बनाना: यकृत विकार (Liver Disorders) में यह सहायक होता है, जैसे पीलिया (Jaundice) और हेपेटाइटिस (Hepatitis) में।

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थकान (Fatigue) को दूर करना: यह शरीर को ऊर्जा (Energy) प्रदान करता है और सामान्य कमजोरी (Weakness) को दूर करता है।

रक्त (Blood) की गुणवत्ता में सुधार: यह रक्त की गुणवत्ता को सुधारने और रक्तस्राव (Bleeding) को नियंत्रित करने में मदद करता है, खासकर बवासीर (Piles) के मामले में।


लोहासव की सामग्री (Ingredients of Lohasava in Hindi)

लोहासव में निम्नलिखित सामग्री (Ingredients) होती है

  • शोधिता लोहा (Purified Iron): 192 ग्राम
  • हaritaki (Terminalia chebula): 192 ग्राम
  • बिभीताकी (Terminalia bellirica): 192 ग्राम
  • आंवला (Emblica officinalis): 192 ग्राम
  • सोंठ (Zingiber officinale – Ginger): 192 ग्राम
  • काली मिर्च (Piper nigrum – Black Pepper): 192 ग्राम
  • पिप्पली (Piper longum – Long Pepper): 192 ग्राम
  • अजवाइन (Trachyspermum ammi – Carom Seeds): 192 ग्राम
  • वैविदंग (Embelia ribes – False Black Pepper): 192 ग्राम
  • मुस्टाक (Cyperus rotundus – Nut Grass): 192 ग्राम
  • चित्रक (Plumbago zeylanica): 192 ग्राम
  • धातकी (Woodfordia fruticosa – Dhataki Flowers): 960 ग्राम
  • पानी (Water): 24.5 लीटर
  • शहद (Honey): 3 किलो
  • गुड़ (Jaggery): 9.6 किलो

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लोहासव की खुराक (Dosage of Lohasava in Hindi)

लोहासव (Lohasava) की सामान्य खुराक (Dosage) 12–24 मिली होती है, जिसे दिन में एक या दो बार भोजन (Meal) के बाद लिया जाता है। इसे स्वाद (Taste) में सुधार करने के लिए समान मात्रा में पानी (Water) के साथ मिलाकर लिया जा सकता है। हालांकि, व्यक्तिगत खुराक (Dosage) के लिए स्वास्थ्य देखभाल (Healthcare) पेशेवर से परामर्श (Consultation) करना महत्वपूर्ण है।


लोहासव के दुष्प्रभाव (Side effects of Lohasava in hindi)

लोहासव (Lohasava) आम तौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कुछ व्यक्तियों को निम्नलिखित दुष्प्रभाव (Side effects) हो सकते हैं

कब्ज (Constipation): विशेष रूप से जब उच्च खुराक (High Dosage) में लिया जाए।

गैस्ट्रिक उत्तेजना (Gastric Irritation): दुर्लभ मामलों (Rare Cases) में पेट (Stomach) में गड़बड़ी या उल्टी (Nausea) हो सकती है।

एलर्जी प्रतिक्रियाएँ (Allergic Reactions): कुछ व्यक्तियों को इसमें शामिल सामग्री (Ingredients) से एलर्जी (Allergy) हो सकती है।

दवाइयों (Medications) के साथ इंटरैक्शन (Interaction): यह कुछ दवाओं (Medications) के साथ प्रतिक्रिया (React) कर सकता है; यदि अन्य दवाइयाँ (Medications) चल रही हों, तो डॉक्टर (Doctor) से परामर्श (Consult) करें।


लोहासव से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQs in Hindi)

1. क्या लोहासव बच्चों (Children) के लिए सुरक्षित है?
लोहासव (Lohasava) को 5 साल से ऊपर के बच्चों (Children) में चिकित्सा पर्यवेक्षण (Medical Supervision) के तहत इस्तेमाल किया जा सकता है। 6 साल से कम उम्र (Age) के बच्चों (Children) में अधिक खुराक (Overdose) से गंभीर दुष्प्रभाव (Severe Side Effects) हो सकते हैं।

2. क्या गर्भवती (Pregnant) या स्तनपान कराने वाली महिलाएं (Breastfeeding Women) लोहासव का उपयोग (Use) कर सकती हैं?
गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान इसे केवल चिकित्सा पर्यवेक्षण (Medical Supervision) के तहत ही लिया जाना चाहिए। स्तनपान (Lactation) के दौरान, डॉक्टर (Doctor) की सलाह (Advice) पर इसका सेवन (Consumption) किया जा सकता है।

3. क्या लोहासव (Lohasava) अन्य दवाओं (Medications) के साथ प्रतिक्रिया (Interact) करता है?
लोहासव (Lohasava) कुछ दवाओं (Medications) के साथ प्रतिक्रिया (Interaction) कर सकता है। यदि आप अन्य दवाइयाँ (Medications) ले रहे हैं, तो अपने डॉक्टर (Doctor) से परामर्श (Consult) करना आवश्यक है।

4. क्या मधुमेह (Diabetes) रोगी लोहासव का उपयोग (Use) कर सकते हैं?
लोहासव (Lohasava) में गुड़ (Jaggery) होता है, जो रक्त शर्करा (Blood Sugar) स्तर को प्रभावित (Affect) कर सकता है। इसलिए मधुमेह (Diabetes) के रोगियों (Patients) को इसका सेवन (Consumption) करने से पहले डॉक्टर (Doctor) से सलाह (Advice) लेनी चाहिए।

5. क्या लोहासव वजन घटाने (Weight Loss) के लिए फायदेमंद है?
लोहासव (Lohasava) में एंटी-ओबेसिटी (Anti-obesity) गुण होते हैं जो वसा (Fat) के पाचन (Metabolism) में मदद करते हैं और वजन (Weight) नियंत्रण (Control) में सहायक हो सकते हैं।

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Pranay
Pranay

Pranay is a dedicated Ayurvedic practitioner with over 5 years of experience in promoting holistic health and well-being. Pranay is committed to helping individuals achieve balance and harmony with sharing his knowledge with writing for Nirogya Ayurveda.

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