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पथ्यादि काढ़ा के उपयोग, फायदे और नुकसान (Pathyadi Kadha Uses and Benefits in Hindi)

पथ्यादि काढ़ा (Pathyadi Kadha) एक पारंपरिक आयुर्वेदिक औषधि है, जो मुख्य रूप से सिरदर्द (Headache), माइग्रेन (Migraine), और आंखों की समस्याओं (Eye Disorders) के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है। यह पित्त दोष (Pitta Dosha) को संतुलित करने में सहायक है और शरीर में शीतलता (Cooling Effect) प्रदान करता है।


पथ्यादि काढ़ा के उपयोग (Uses of Pathyadi Kadha in Hindi)

सिरदर्द (Headache): सिरदर्द और माइग्रेन के उपचार में प्रभावी।

आंखों की समस्याएं (Eye Disorders): आंखों की जलन (Burning Sensation) और थकावट (Fatigue) को कम करता है।

पित्त दोष (Pitta Dosha): पित्त दोष के असंतुलन को संतुलित करता है।

पाचन तंत्र (Digestive System): पाचन तंत्र को सुधारता है और एसिडिटी (Acidity) को कम करता है।

शरीर की गर्मी (Body Heat): शरीर की अतिरिक्त गर्मी को शांत करता है।


पथ्यादि काढ़ा के लाभ (Benefits of Pathyadi Kadha in Hindi)

माइग्रेन और सिरदर्द में राहत।

आंखों की थकान और जलन को दूर करना।

पाचन तंत्र को सुधारकर एसिडिटी से राहत।

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शरीर में ठंडक और शीतलता प्रदान करना।

पित्त दोष के कारण होने वाली समस्याओं को ठीक करना।


पथ्यादि काढ़ा की सामग्री (Ingredients of Pathyadi Kadha in Hindi)

  1. हरितकी (Haritaki): पाचन सुधारने और विषाक्त पदार्थों को दूर करने में सहायक।
  2. आमलकी (Amla): पाचन शक्ति बढ़ाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में उपयोगी।
  3. निशोथ (Nisoth): कब्ज (Constipation) और पाचन समस्याओं में उपयोगी।
  4. त्रिफला (Triphala): शरीर की सफाई और पाचन तंत्र के लिए लाभकारी।
  5. गुडूची (Guduchi): रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और पित्त को शांत करने में सहायक।
  6. यष्टिमधु (Yashtimadhu): गले की समस्याओं और शरीर की गर्मी को कम करता है।

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पथ्यादि काढ़ा की मात्रा (Dosage of Pathyadi Kadha in Hindi)

वयस्कों के लिए (For Adults): 15-20 मिलीलीटर काढ़ा दिन में 2 बार, बराबर मात्रा में पानी मिलाकर सेवन करें।

बच्चों के लिए (For Children): डॉक्टर के परामर्श के अनुसार ही सेवन करें।

चिकित्सक की सलाह (Doctor’s Advice): इसे भोजन से पहले या बाद में, डॉक्टर के निर्देशानुसार लें।


पथ्यादि काढ़ा के दुष्प्रभाव (Side Effects of Pathyadi Kadha in Hindi)

अत्यधिक सेवन (Excessive Use): अत्यधिक सेवन से पाचन संबंधी समस्याएं जैसे पेट दर्द या दस्त हो सकते हैं।

एलर्जी (Allergy): यदि किसी घटक से एलर्जी हो, तो इसका सेवन न करें।

गर्भावस्था और स्तनपान (Pregnancy and Breastfeeding): गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसे लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

अन्य दवाओं के साथ इंटरएक्शन (Drug Interaction): किसी अन्य दवा के साथ लेने से पहले चिकित्सकीय परामर्श लें।


पथ्यादि काढ़ा से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQs in Hindi)

  1. पथ्यादि काढ़ा (Pathyadi Kadha) का मुख्य उपयोग क्या है?
    यह सिरदर्द, माइग्रेन, और आंखों की समस्याओं के उपचार के लिए उपयोगी है।
  2. क्या पथ्यादि काढ़ा (Pathyadi Kadha) पित्त दोष को ठीक कर सकता है?
    हां, यह पित्त दोष को संतुलित करता है और संबंधित समस्याओं में राहत देता है।
  3. पथ्यादि काढ़ा (Pathyadi Kadha) को कैसे लेना चाहिए?
    इसे 15-20 मिलीलीटर मात्रा में, बराबर पानी के साथ दिन में 2 बार लें।
  4. क्या इसे बच्चे ले सकते हैं?
    हां, लेकिन बच्चों के लिए खुराक डॉक्टर के परामर्श के अनुसार होनी चाहिए।
  5. क्या इसका कोई दुष्प्रभाव है?
    अत्यधिक सेवन से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसे डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लें।
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Pranay
Pranay

Pranay is a dedicated Ayurvedic practitioner with over 5 years of experience in promoting holistic health and well-being. Pranay is committed to helping individuals achieve balance and harmony with sharing his knowledge with writing for Nirogya Ayurveda.

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