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पुनर्नवारिष्ट के उपयोग, फायदे और नुकसान (Punarnavarishta Uses and benefits in Hindi)

पुनर्नवारिष्ट Punarnavarishta एक पारंपरिक आयुर्वेदिक द्रव औषधि है, जो मुख्य रूप से यकृत (liver), किडनी (kidney) की समस्याओं, सूजन (edema), और एनीमिया (anemia) के उपचार में उपयोगी है। यह एक स्वाभाविक रूप से तैयार हर्बल टॉनिक (herbal tonic) है, जिसमें लगभग 5-7% स्वाभाविक रूप से उत्पन्न अल्कोहल (alcohol) होता है, जो सक्रिय हर्बल घटकों को शरीर में प्रभावी रूप से पहुंचाने में मदद करता है।


पुनर्नवारिष्ट के उपयोग (Uses of Punarnavarishta in Hindi)

यकृत (liver) विकारों जैसे फैटी लिवर (fatty liver) और पीलिया (jaundice) का इलाज।

एनीमिया (anemia) और हीमोग्लोबिन (hemoglobin) के स्तर में सुधार करने में सहायक।

मूत्र मार्ग संक्रमण (urinary tract infections) का प्रबंधन।

चेहरे, आंखों और पैरों में सूजन (edema) को कम करता है।

हृदय (heart) रोगों के प्रबंधन में सहायक।


पुनर्नवारिष्ट के लाभ (Benefits of Punarnavarishta in Hindi)

यकृत (liver) को डिटॉक्सिफाई (detoxify) करके स्वस्थ बनाता है।

शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ निकालने के लिए प्राकृतिक मूत्रवर्धक (natural diuretic) के रूप में कार्य करता है।

सूजन और जलन को कम करता है, और किडनी (kidney) के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।

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चयापचय (metabolism) में सुधार करता है, जो वजन प्रबंधन (weight management) में सहायक होता है।

पाचन (digestion) और प्रतिरोधक क्षमता (immunity) को बढ़ाता है।


पुनर्नवारिष्ट के घटक (Ingredients of Punarnavarishta in Hindi) 

मुख्य घटक निम्नलिखित हैं

  1. पुनर्नवा (Boerhavia diffusa) – सफेद और लाल दोनों प्रकार।
  2. बला (Sida cordifolia)
  3. अतिबला (Abutilon indicum)
  4. पाठा (Cyclea peltata)
  5. दंती (Baliospermum montanum)
  6. गुडूची (Tinospora cordifolia)
  7. चित्रक (Plumbago zeylanica)
  8. निदिग्धिका (Solanum melongena)
  9. गुड़ (jaggery)
  10. मधु (honey)
  11. दालचीनी (cinnamon), इलायची (cardamom), और काली मिर्च (black pepper) जैसे मसाले।

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पुनर्नवारिष्ट की खुराक (Dosage of Punarnavarishta in hindi)

अनुशंसित खुराक (recommended dosage): 12–24 मिलीलीटर, भोजन (meal) के बाद दिन में दो बार।

मिश्रण (dilution): इसे समान मात्रा में पानी (water) के साथ मिलाया जा सकता है।

खुराक (dosage) आयु (age), स्वास्थ्य स्थिति (health condition), और आयुर्वेदिक चिकित्सक (Ayurvedic practitioner) की सलाह पर निर्भर करती है।


पुनर्नवारिष्ट के दुष्प्रभाव (side effects of Punarnavarishta in hindi)

दस्त (diarrhea) के रोगियों के लिए उपयुक्त नहीं है क्योंकि इसमें हल्के विरेचक (mild purgative) प्रभाव होते हैं।

संवेदनशील पेट वाले व्यक्तियों में गैस्ट्राइटिस (gastritis) की समस्या बढ़ सकती है।

गर्भावस्था (pregnancy) और स्तनपान (breastfeeding) के दौरान केवल चिकित्सकीय सलाह (medical advice) पर उपयोग करें।

अधिक सेवन (overuse) से पेट की तकलीफ या ढीले दस्त हो सकते हैं।

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पुनर्नवारिष्ट से संबंधित सामान्य प्रश्न (FAQs in Hindi)

1. क्या पुनर्नवारिष्ट यकृत (liver) स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है?
हाँ, यह यकृत को डिटॉक्सिफाई (detoxify) करने और स्वास्थ्य में सुधार करने में प्रभावी है।

2. क्या पुनर्नवारिष्ट मधुमेह (diabetes) रोगियों के लिए सुरक्षित है?
इसमें गुड़ (jaggery) और स्वाभाविक अल्कोहल (natural alcohol) होता है, इसलिए मधुमेह (diabetes) रोगियों को सावधानीपूर्वक सेवन करना चाहिए।

3. क्या पुनर्नवारिष्ट सूजन (edema) में मदद करता है?
हाँ, यह एक प्राकृतिक मूत्रवर्धक (natural diuretic) है, जो शरीर से अतिरिक्त तरल (fluid) निकालकर सूजन को कम करता है।

4. पुनर्नवारिष्ट कितने समय तक लिया जा सकता है?
इसे कई महीनों तक लिया जा सकता है, लेकिन यह आयुर्वेदिक चिकित्सक (Ayurvedic practitioner) की सलाह पर निर्भर करता है।

5. क्या यह बच्चों (children) के लिए सुरक्षित है?
यह आमतौर पर 8 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों के लिए उपयुक्त है। खुराक (dosage) चिकित्सक (doctor) द्वारा निर्धारित होनी चाहिए।

6. क्या पुनर्नवारिष्ट वजन घटाने (weight loss) में सहायक है?
यह चयापचय (metabolism) को बढ़ाकर वजन प्रबंधन (weight management) में सहायक हो सकता है।

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Pranay
Pranay

Pranay is a dedicated Ayurvedic practitioner with over 5 years of experience in promoting holistic health and well-being. Pranay is committed to helping individuals achieve balance and harmony with sharing his knowledge with writing for Nirogya Ayurveda.

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