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पुनर्नवासव के उपयोग, फायदे और नुकसान (Punarnavasav Uses and Benefits in Hindi)

पुनर्नवासव (Punarnavasav) एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से किडनी (Kidney) और लिवर (Liver) से संबंधित समस्याओं के उपचार में किया जाता है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालने, सूजन (Inflammation) को कम करने और रक्त शुद्धि (Blood purification) में मदद करता है। यह वात (Vata) और कफ दोष (Kapha Dosha) को संतुलित कर शरीर को स्वस्थ बनाए रखता है।


पुनर्नवासव के उपयोग (Uses of Punarnavasav in Hindi)

किडनी की समस्याएं (Kidney problems): किडनी की कार्यक्षमता (Kidney function) को सुधारता है और मूत्र से जुड़ी समस्याओं को दूर करता है।

लिवर की समस्याएं (Liver problems): लिवर को स्वस्थ रखता है और उसके कार्यों को बेहतर बनाता है।

सूजन कम करना (Reduce inflammation): शरीर के विभिन्न अंगों की सूजन को कम करता है।

रक्त शुद्धि (Blood purification): रक्त से विषाक्त पदार्थों को निकालकर शुद्ध करता है।

पाचन सुधारना (Improves digestion): यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और भूख बढ़ाने में मदद करता है।


पुनर्नवासव के लाभ (Benefits of Punarnavasav in Hindi)

किडनी को स्वस्थ रखना (Healthy kidneys): किडनी की समस्याओं जैसे पेशाब में जलन (Burning sensation) और मूत्राशय संक्रमण (Urinary infection) को ठीक करता है।

लिवर को मजबूत बनाना (Strengthen liver): यह लिवर की कार्यक्षमता को बढ़ाकर पाचन में सुधार करता है।

सूजन में राहत (Relief in swelling): शरीर के अंगों में आई सूजन को कम करने में मदद करता है।

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रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना (Boosts immunity): यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है।

शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालना (Detoxification): यह शरीर को डिटॉक्स करता है।


पुनर्नवासव की सामग्री (Ingredients of Punarnavasav in Hindi)

  1. पुनर्नवा (Punarnava): यह किडनी और लिवर को स्वस्थ रखता है और सूजन को कम करता है।
  2. द्राक्षा (Draksha): पाचन को सुधारती है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है।
  3. हरीतकी (Haritaki): शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में सहायक है।
  4. गोखरू (Gokshur): मूत्र समस्याओं को दूर करता है और किडनी को स्वस्थ रखता है।
  5. गुड़ (Jaggery): औषधि को प्रभावी और पाचक बनाता है।
  6. धनिया (Coriander): पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है।

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पुनर्नवासव की मात्रा (Dosage of Punarnavasav in Hindi)

वयस्क (Adults): 10-20 मिलीलीटर, दिन में 2 बार, पानी के साथ या डॉक्टर की सलाह के अनुसार।

बच्चे (Children): 5-10 मिलीलीटर, दिन में 2 बार, डॉक्टर के परामर्श से।

खाने के बाद (After meals): भोजन के बाद इसका सेवन करना अधिक लाभकारी होता है।

चिकित्सकीय परामर्श (Medical advice): डॉक्टर से परामर्श लेकर ही निर्धारित मात्रा में सेवन करें।


पुनर्नवासव के दुष्प्रभाव (Side Effects of Punarnavasav in Hindi)

पेट में जलन (Stomach irritation): अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में जलन हो सकती है।

एलर्जी (Allergy): यदि किसी सामग्री से एलर्जी हो, तो इसका सेवन न करें।

लो ब्लड प्रेशर (Low blood pressure): लो बीपी के मरीजों को डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

गर्भावस्था (Pregnancy): गर्भवती महिलाओं को इसे लेने से पहले चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।


पुनर्नवासव से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQs in Hindi)

1. पुनर्नवासव (Punarnavasav) क्या है?
यह एक आयुर्वेदिक दवा है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से किडनी और लिवर से संबंधित समस्याओं के उपचार में किया जाता है।

2. पुनर्नवासव (Punarnavasav) का उपयोग किसके लिए किया जाता है?
यह किडनी और लिवर की समस्याओं, सूजन, रक्त शुद्धि और पाचन सुधारने के लिए उपयोग किया जाता है।

3. पुनर्नवासव (Punarnavasav) का सेवन कैसे करें?
10-20 मिलीलीटर दिन में 2 बार पानी के साथ, या डॉक्टर के परामर्श के अनुसार सेवन करें।

4. क्या पुनर्नवासव (Punarnavasav) का कोई दुष्प्रभाव है?
अत्यधिक सेवन से पेट में जलन, एलर्जी और लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

5. गर्भवती महिलाएं पुनर्नवासव (Punarnavasav) का सेवन कर सकती हैं?
गर्भवती महिलाओं को इसे लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

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Pranay
Pranay

Pranay is a dedicated Ayurvedic practitioner with over 5 years of experience in promoting holistic health and well-being. Pranay is committed to helping individuals achieve balance and harmony with sharing his knowledge with writing for Nirogya Ayurveda.

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