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शंखपुष्पी के उपयोग, फायदे और नुकसान (Shankhpushpi Uses and Benefits in Hindi)

शंखपुष्पी (Shankhpushpi) एक आयुर्वेदिक औषधि है, जो मुख्य रूप से मस्तिष्क (Brain), मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) और स्नायु तंत्र (Nervous System) को मजबूत बनाने के लिए उपयोग की जाती है। यह तनाव (Stress), चिंता (Anxiety), अवसाद (Depression) और याददाश्त की कमजोरी (Memory Weakness) में लाभकारी होती है। इसके अतिरिक्त, यह हृदय (Heart), पाचन (Digestion) और प्रतिरक्षा तंत्र (Immune System) को भी लाभ पहुंचाती है।


शंखपुष्पी के उपयोग (Uses of Shankhpushpi in Hindi)

मस्तिष्क को मजबूत बनाना (Brain Tonic): यह याददाश्त (Memory), एकाग्रता (Concentration) और मानसिक सतर्कता को बढ़ाती है।

तनाव और चिंता (Relieves Stress & Anxiety): यह तनाव (Stress) और मानसिक थकावट (Mental Fatigue) को कम करने में सहायक है।

नींद सुधारना (Improves Sleep): यह अनिद्रा (Insomnia) को दूर करने में सहायक होती है।

बुद्धि विकास (Enhances Intelligence): यह बच्चों और वयस्कों में बुद्धि और सोचने की क्षमता को बेहतर बनातीहै।

हृदय स्वास्थ्य (Heart Health): यह रक्तचाप (Blood Pressure) को नियंत्रित रखने में सहायक होती है।

पाचन तंत्र को मजबूत बनाना (Improves Digestion): यह भूख को बढ़ाने और पाचन सुधारने में सहायक है।

प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाना (Boosts Immunity): यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune System) को मजबूत बनाती है।


शंखपुष्पी के लाभ (Benefits of Shankhpushpi in Hindi)

याददाश्त और मानसिक शक्ति को बढ़ाती है।

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तनाव, चिंता और अवसाद को कम करने में मदद करती है।

नींद की गुणवत्ता को सुधारती है।

हृदय को स्वस्थ रखती है और रक्तचाप को नियंत्रित करती है।

पाचन तंत्र को सुधारती है और भूख बढ़ाने में मदद करती है।

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है।

बच्चों में मानसिक विकास और सीखने की क्षमता को बढ़ाती है।


शंखपुष्पी की सामग्री (Ingredients of Shankhpushpi in Hindi)

शंखपुष्पी (Convolvulus Pluricaulis): यह मस्तिष्क और स्नायु तंत्र (Brain & Nervous System) को मजबूत करने वाली मुख्य जड़ी-बूटी है।

ब्रह्मी (Bacopa Monnieri): यह याददाश्त (Memory) और मानसिक क्षमता (Cognitive Ability) को बढ़ाने में सहायक होती है।

अश्वगंधा (Withania Somnifera): यह तनाव, चिंता (Anxiety) और शारीरिक थकान (Physical Fatigue) को कम करने में मदद करती है।

जटामांसी (Nardostachys Jatamansi): यह मस्तिष्क को शांत (Brain Calming) करने और नींद सुधारने में सहायक होती है।

गिलोय (Tinospora Cordifolia): यह रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बढ़ाती है और शरीर को रोगों से बचाती है।

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शंखपुष्पी की मात्रा (Dosage of Shankhpushpi in Hindi)

शंखपुष्पी सिरप (Shankhpushpi Syrup):

बच्चे (Children): 5-10 ml दिन में दो बार, दूध या पानी के साथ।

वयस्क (Adults): 10-20 ml दिन में दो बार, दूध या पानी के साथ।

परामर्श (Consultation): उचित मात्रा के लिए हमेशा चिकित्सक से परामर्श लें।


शंखपुष्पी के दुष्प्रभाव (Side Effects of Shankhpushpi in Hindi)

अत्यधिक सेवन से सुस्ती (Drowsiness) महसूस हो सकती है।

कुछ लोगों में पेट खराब या मतली (Nausea) हो सकती है।

कम रक्तचाप वाले लोगों को इसे सावधानीपूर्वक लेना चाहिए।

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसे लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।


शंखपुष्पी से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQs in Hindi)

  1. क्या शंखपुष्पी बच्चों के लिए सुरक्षित है?
    हाँ, यह बच्चों में याददाश्त (Memory) और सीखने की क्षमता बढ़ाने में मदद करती है।
  2. क्या शंखपुष्पी नींद सुधारने में मदद करती है?
    हाँ, यह तनाव और मानसिक अशांति को कम कर नींद में सुधार लाती है।
  3. क्या शंखपुष्पी का सेवन खाली पेट किया जा सकता है?
    हाँ, लेकिन इसे दूध या पानी के साथ लेने की सलाह दी जाती है।
  4. क्या शंखपुष्पी का कोई नशे जैसा प्रभाव होता है?
    नहीं, यह पूरी तरह से प्राकृतिक और सुरक्षित है।
  5. क्या शंखपुष्पी हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है?
    हाँ, यह रक्तचाप को नियंत्रित करने और हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक है।
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Pranay
Pranay

Pranay is a dedicated Ayurvedic practitioner with over 5 years of experience in promoting holistic health and well-being. Pranay is committed to helping individuals achieve balance and harmony with sharing his knowledge with writing for Nirogya Ayurveda.

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